ब्‍लॉगिंग आ सोशल मीडिया एक दोसरा के पूरक

– उमेश चतुर्वेदी

भारत के राजधानी नई दिल्ली के दिल कनॉट प्‍लेस के द एम्‍बेसी रेस्‍तरां में एगो हिंदी ब्‍लॉगर संगोष्‍ठी लखनऊ से पधारल हिन्‍दी के मशहूर ब्‍लॉगर सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी के सम्‍मान में सामूहिक ब्‍लॉग नुक्‍कड़डॉटकॉम के तत्‍वावधान में शनिचर का दिने आयोजित भइल. एह मौका पर हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग के प्रभाव सबहीं सकारल. देश विदेश में हिंदी के प्रचार प्रसार में हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग के महत्‍व के सकारत सबही एकरा राह में आवे वाला कठिनाइयन के हटावे का बारे में राय विचार कइल.

एह संगोष्‍ठी में दिल्‍ली, नोएडा, गाजियाबाद के जानल मानल हिंदी ब्‍लॉगर भाग लिहलें. गोष्ठी में सोशल मीडिया जइसे कि फेसबुक आ ट्विटर के हिंदी ब्‍लॉगिंग के पूरक मानल गइल. एगो मजगर एग्रीगेटर के कमी सबही महसूस कइल आ तय कइल कि एह बारे में फलदार कोशिश कइल जरूरी बा. है। कहल गइल कि फेसबुक आजु नेटवर्किंग के महत्‍वपूर्ण साधन बन चुकल बा आ एकर सर्वजनहित में उपयोग कइल हमनी सभ के नैतिक जिम्मेदारी बावे.

सामूहिक ब्‍लॉग नुक्‍कड़ के मॉडरेटर आ चर्चित व्‍यंग्‍यकार अविनाश वाचस्‍पति हिंदी ब्‍लॉगिंग के समाज के बुराईयन से बचावे आ प्राइमरी क्लासन से एकर पाठ्यक्रम शुरू कइल समय के जरूरत बतवले. एह राय के ओहिजा मौजूद सगरी ब्लॉगर समर्थन कइलें. हिंदी ब्‍लॉगर संतोष त्रिवेदी कहलें कि बहुते छोट नोटिस पर दूर दराज से आइल ब्‍लॉगरन के एह संगोष्‍ठी में समिलाती साबित करत बा कि हिंदी ब्‍लॉगिंग के प्रभाव शिखर का ओर तेजी से बढ़त बा. कंटेंट के स्‍तर पर आवत गिरावट पर चिंता व्‍यक्‍त करत जनसत्‍ता के संपादकीय विभाग में कार्यरत फजल इमाम मल्लिक मनलें कि अइसन हालात हर तकनीक के शुरूआत में अइबे करेले. ई अइसन मंच बा जवना के पूरा जिम्मेदारी से तबहिए इस्तेमाल हो पाई जब एह तरह के मेल मिलाप अकसरहा होत रही. ऊ सभके गोहरवलें कि अपना अपना इलाका में एह तरह के कोशिश शुरू करें.

भड़ास फॉर मीडिया के मॉडरेटर यशवंत सिंह जानकारी दिहलें कि आगरा में एगो ब्‍लॉगर अपना तकनीक ब्‍लॉग से हर महीना एक से डेढ़ लाख रुपिया के कमाई करत बाड़े. एकरा अलावा अउरी कई जगहा कमाई होखत बा आ ई हालात निश्चित रूप से सुखद बा. सोझे सोण ना त घुमाइये के सही हिंदी ब्लागिंग से होखे वाला कमाई के अविनाशो वाचस्‍पति सकरलें.

स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ल ब्‍लॉगन के मॉडरेटर के. राधाकृष्‍णन, पी 7 से जुड़ल हर्षवर्द्धन त्रिपाठी, स्‍वतंत्र पत्रकार विष्‍णु गुप्‍त, अयन प्रकाशन के भूपाल सूद, डॉ. टी. एस. दराल, हिंद युग्‍म के शैलेश भारतवासी, सुलभ सतरंगी, कुमार कार्तिकेयन, गौरव त्रिपाठी, खुशदीप सहगल वगैरह हिंदी ब्‍लॉगिंग के स्‍वस्‍थ विकास खातिर अनेके पहलू पर उद्देश्‍यपूर्ण चिंतन कइलें. सबही मानल कि फिजूल के अश्‍लील आ धार्मिक उन्‍माद वाला ब्लॉगन पर जाए से भरसक बाचल जाव. एहू दूषित प्रवृत्ति चिंता जाहिर कइल गइल कि चार गो पोस्ट लिख के खुद के साहित्यकार समुझ लेबे वाला अपना आत्‍ममुग्‍धता से निजात पाए के चाही. ई सब बुराई स्‍वस्‍थ ब्‍लॉगिंग के विकास खातिर ठीक नइखे.


(उमेश चतुर्वेदी के ब्लॉग “मीडिया मीमांसा” से साभार अनूदित)


हिंदी ब्लॉगिग से जुड़ल एह खबर के एहिजा प्रकाशित करे के मुख्य मकसद बा कि भोजपुरी के ब्लॉगर एक दोसरा से मिले जुले, राय विचार करे, बात बेवहार बढ़ावे का ओर बढ़सु. तीन कन्नौजिया तेरह चूल्हा वाला मनोवृति भोजपुरी के विकास खातिर ठीक नइखे. पिछला नौ साल से देखत आवत बानी कि भोजपुरी में खुले शुरु होखे वाला साइट भा ब्लॉग शुरु त होखे ला बहुते उछाह से बाकिर गँवे गँवे सभे थिरा जाला काहे कि भोजपुरी में फिल्म संगीत छोड़ साहित्य में कवनो आमदनी के सपनो देखल बेजाँय बा. बाकिर हर काम आमदनी खातिर ना कइल जाव. कुछ काम अपना पैशनो खातिर करे के चाहीं. अउर कुछ मिले भा ना आत्म संतोष त जरूरे मिली. हँ कवनो दोसरा भोजपुरिया भाई से बड़ाई सुने के सपना मत देखीं काहे कि ऊ भोजपुरी सुभाव का उलट बा. हमनी का टाँग खिंचाई विशेषज्ञ हईं जा दोसरा के उत्साहित करे वाला जीव ना.

अगर एह बाति के सच्चाई देखे के बा त अँजोरिए पर आइल टिप्पणियन के देख लीं, दू तीन गो नाम छोड़ बाकी सभे एक दोसरा के पीठ थपथपावे में लागल बा. एगो गणेश बागी रहनी त हमरा एक बात से अइसन बिदकनी के फेर एने आइले छोड़ दिहनी शायद. धन्यवाद बा चंदन मिश्रा के जे सब कुछ का बावजूद नियमित टिप्पणी करत रहेलें बात कहीलें खर्रा गोली लागे चाहे छर्रा वाला अंदाज में.

रउरा का सोचत बानी ? कुछ कहब ? कि आजुओ चुपे रहि जाएब ? कुछ त बोलीं, निमन ना त बाउरे सही !
राउर,
संपादक

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

w

Connecting to %s