आलोक कुमार-निरहुआ के बहुते सफल जोड़ी फेरू साथ-साथ

सिनेमा भोजपुरी के सबले सफल निर्माता आलोक कुमार आ सबले सफल स्टार दिनेशलाल यादव ‘निरहुआ’ क सुपरहिट जोड़ी एक बेर फेरू धमाल मचावे ला तइयारी करत बा. आलोक कुमार निरहुआ लेके आपन नइकी फिलिम ‘दूध का कर्ज’ बनावल शुरू कइले बाड़न.

एह जोड़ी के सफल फिलिमन के सूची में ‘हो गईल बा प्यार ओढ़निया वाली से’, ‘निरहुआ चलल ससुराल’, ‘हो गइनी दिवाना तोहरे प्यार में’ शामिल बाड़ी सँ आ ‘गंगा जमुना सरस्वती’ एही महीना रिलीज होखे वाली बा. एह जोड़ी के तुलना ट्रेड पंडित आ दर्शक मनमोहन देसाई-अमिताभ बच्चन, पहलाज निहलानी-गोविन्दा, सुभाष घई-जैकी श्रॉफ, आदित्य चोपड़ा-शाहरूख खान जइसन सफल जोड़ियन से करेलें. आलोक कुमार आ निरहुआ दुनु के बारे में मानल जाला कि ई लोग भोजपुरी सिनेमा देखेवालन के नब्ज पकड़े में माहिर ह. एहीसे जब जब एह जोड़ी के कवनो फिलिम आवेला त ओह फिलिम के सफलता तय मान लिहल जाला.


(प्रशांत निशांत के रपट)

भोजपुरी माटी क पहचान ओकरा लोकगीतन से बा, गोविन्द विद्यार्थी अइसने माटी के लाल हउवें

गोविन्द विद्यार्थी भोजपुरी लोकगीत के विधा अपना गीतन के माध्यम से लोग तक पहुँचवलें. इनका के भोजपुरी लोकगीतन के जादूगर मानल जाला. गोविन्द विद्यार्थी के लिखल गीत बहुते प्रचलित बाड़ी सँ, जइसे कि “हलफा मचा के गइल”,”कहेली की अलगा होके चल जाइब बहरा”, “लगा देहीं चोलिया के हूक राजा जी”, सुपर हिट सॉंग २०११ “कइसन पियवा के चरितर बा”, आ अबकी का सावन में लिखल गीत “भोला गिरी डि” खूबे पसन्द कइल गइल बा. गोविन्द विद्यार्थी अपना गीतन में चैती, सोहर, पूरबी गीतन के बढ़ावा दिहले बाड़न.

गोविन्द विद्यार्थी एलबम ला गीत लिखला का साथे साथ फिलिमो में गीत लिखत बाड़ें. पवन सिंह के पहिलकी फिलिम “रंगली चुनरिया तोहरे नाम”में “जब बहेला पवन पुरवाई” आ “बड़ा जान मारे जालीदार कुर्ती” गीत लिखलन जवन सुपर हिट भइली सँ. बताशा चाचा में “बताशा चाचा बियर पीके” आ “कजरारे तोहर नैना” गीत इनकरे लिखल ह. पवन सिंह के आवे वाली फिल्म “आंधी तूफ़ान” में “आरा जिला घर बा ता कवन बात के डर बा” गीत लिखले बाड़न.


(भोजवुडन्यूज के रपट)

‘बिगुल’ हर तरह से मौलिक आ साफ सुथरा मनोरंजन देबे वाली फिलिम बा – रवि कांत

बहुते कम निर्देशक ई कहे के जज़्बा राखेलें कि उनका फिलिम के एकहु फ्रेम कवनो दोसरा फिलिम के नकल ना मिली. बाकिर अइसन दावा करत बाड़ें निर्देशक रविकांत. ‘भारतेन्दु नाट्य अकेडमी’ से जुड़के अनेके नाटक मंचन आ साहित्य सेवा करे वाला रविकांत छोटका परदा पर ‘किटी पार्टी’, ‘अंखियों के झरोखे से’, ‘कहीं किसी रोज’ वगैरह धारावाहिक निर्देशित कइले बाड़न. उनुका निर्देशन में बने वाली पहिला भोजपुरी फिल्म ह ‘बिगुल’. नमन प्रोडक्शंस के बैनर तले बनत एह फिल्म में ‘रंगबाज’ हैदर काजमी आ अक्षरा सिंह के जोड़ी बा. पेश बा रविकांत से भइल बातचीत के कुछ खास अंश :

आखिर का खासियत बा ‘बिगुल’ के ?

दरअसल, ‘बिगुल’ उत्तर भारत के सामाजिक परिवेश पर बनल फिलिम ह जवना में एगो किसान-मजदूर के कहानी बा. अपना देश-प्रदेश के समस्या, ओकरा दुःख-दर्द के एह फिल्म में पिरोवल गइल बा. हमार दावा बा कि एह फिल्म में दुनिया के कवनो फिलिम के एकहु फ्रेम के नकल नइखे. ‘बिगुल’ पूरा तरह से मौलिक बावे. एकर भाषा जरूर भोजपुरी बा लेकिन एकर सब्जेक्ट, प्रस्तुतिकरण, फिल्मांकन, फोटोग्राफी, निर्देशन, पोस्ट-प्रोडक्शन वगैरह सगरी एकदम हटके बा. ई एगो बढ़िया दर्जा के पारिवारिक-मनोरंजक फिल्म ह, जवना में फूहड़पन के तड़का नइखे मारल. एकर कथा-पटकथा हमरे लिखल ह जबकि संवाद मनोज पाण्डे आ हमार लिखल. मुख्य कलाकार हउवें हैदर काजमी, अक्षरा सिंह, जितेंद्र यादव, श्रेया शर्मा, मनीष खन्ना, संजय कुलकर्णी, कृष्ण गोपाल अउर संगीता रमन वगैरह. गीतकार-संगीतकार नजाकत-सुजात हउवें. एहमें कुल 8 गो गीत बा, जवना में एगो आइटम गीत ह आ सगरी गीत सिच्युएशनल बाड़ी सँ.

एह फिल्म के अउरी का खासियत बा?

देखीं, पहिलही बतवनी कि सबले बड़ी खासियत बा एकर मौलिक सब्जेक्ट अउर प्रस्तुतिकरण. एकर हर पक्ष खास बा. कहीं कवनो कटौती नइखे कइल गइल फिल्मांकन में. इलाहाबाद में एकरा शूटिंग खातिर 10 लाख रुपिया के सेट लगावल गइल जवन कि पटकथा के डिमांड रहल. अभिनय क बात करीं त हैदर काजमी, अक्षरा सिंह, नवोदित जितेंद्र यादव समेत सगरी कलाकार बढ़िया काम कइले बाड़ें. एह फिल्म के बेहतरीन बनावे में कवनो कसर नइखीं छोड़ले हम. काहे कि हम समझौता में ना बलुक बढ़िया काम करे में विश्वास राखीलें. हम त इहो कहब कि ‘बिगुल’ भोजपुरी इंडस्ट्री में माइल स्टोन फिल्म साबित होखी आ दोसरो फिल्मकार अइसने बढ़िया फिलिम बनावे ला उत्साहित होखीहें.

मौजूदा फिलिमन क बारे में आपके नजरिया?

साँच कहीं त हम संतुष्ट नइखीं काहे कि आजु बनत ज़्यादातर फिलिम समाज के हिस्सा नइखे बनत, बमुश्किल दस फीसदी लोग खातिर बनत बा. हमनी का समाज के बाँट के राख दिहले बानी जा. जबकि फिल्मकारन के दायित्व पूरा समाज ला होखेला. आज समाज टूटत बा आ समाज के छोड़के हमनी का कला-सेवा ना कर सकीं. आजु बढ़िया मौलिक कहानी आ लेखकन के कमी बा. सस्ता लोकप्रियता बटोरल हमनी के मकसद ना होखे के चाहीं. कुछ फिल्मकार कहेलं कि ऊ उहे परोसेलें जवन दर्शक देखल चाहेलें, जबकि हमार कहना बा कि रउरा जवने परोसत बानी दर्शक ओकरे के देखे ला मजबूर बाड़ें. उनुका लगे विकल्प नइखे.

फिल्म के मथैला भा टाइटल ‘बिगुल’ एकरा कथानक में कवना तरह जस्टीफाई भइल बा?

जइसन कि पहिलही कहनी ई एगो किसान-मजदूर के कहानी ह. जब एगो भू-माफिया ओकरा पर अत्याचार करत बा त आखिरकार ऊ किसान ओह माफिया आ ओकरा अत्याचार का खिलाफ उठ खड़ा होके न्याय खातिर बिगुल बजा देता. ई टाइटल कथानक साथे पूरा तरह से जस्टीफाईड बा, फिलिम देखि के रउरो मान जाएब.

कुछ अपना बैकग्राउण्ड का बारे में?

मूल रूप से हम औरंगाबाद, बिहार के हईं. रंगमंच में शुरुए से दिलचस्पी रहल, लिहाजा लखनऊ में ‘भारतेन्दु नाट्य अकेडमी’ से जुड़ल रहनी आ अनेके नाटक मंचित कइनी. साहित्यो में दिलचस्पी बा, कविता लिखिलें. मुंबई साल 2000 में अइनी आ टीवी खातिर ‘अंखियों के झरोखे से’, ‘किटी पार्टी’, ‘कहीं किसी रोज’ वगैरह सीरियल निर्देशित कइनी. ‘बिगुल’ हमार पहिलका फिलिम ह. आ बढ़िया फिलिम बनावले हमार मकसद बा.


(शशिकांत सिंह रंजन सिन्हा के रपट)

केहु साथ चले मत चले हमरा त चलत जाए के बा – विश्वनाथ रामदास पाटिल

कॅन्सट्रक्शन बिजनेस मे जुडल जलगाँव के रहेवाला शांत आ सज्जन विश्वनाथ रामदास पाटिल अब भोजपुरी फिल्म निर्माता बन गइल बाड़ें. पिछला दिने अपना साक्षात्कार में जवन कहलें तवने क सारसंक्षेप एहिजा पेश बा. का अंश प्रस्तुत है।

महाराष्ट्र के जलगांव के रहे वाला विश्वनाथ पाटिल एन.एस.डी. के एगो कलाकार आ एगो फिल्म वितरक के राय पर प्रापर्टी डीलिंग आ भवननिर्माण का धंधा से भोजपुरी फिल्म निर्माण में उतरलें. ऊ दुनु दोस्त भोजपुरी सिनेमा से जुड़ल रहलें से विश्वनाथो पाटिल मराठी फिलिम ना बना के भोजपुरी फिलिम बनावल तय कइलें. बाकिर जब समय आइल त केहु साथ ना दिहल उहो दुनु जने ना जे एकर सलाह दिहले रहलें.

सिनेमा भोजपुरी के लोगन में बहुते धोखेबाज भरल बतावे वाला पाटिल के पहिला फिलिम “शेरनी” दशहरा ले रिलीज होखी जबकि दोसरकी फिलिम “साँवरिया तोसे लागी कैसी लगन” के शूटिंग अगिला महीना शुरु होखी. एकाध गो हिन्दीओ फिलिम के योजना पर काम चलावत बाड़ें.


(संजय भूषण पटियाला के रपट)

हॉलीवुड स्टार वार्विक डेविस करीहें भोजपुरी फिल्म में अभिनय

हैरी पोर्टर अउर स्टार वार के किरदार अब भोजपुरी में बोली

हैरी पोटर, स्टार वार्स समेत अनेके हॉलीवुड फिलिमन मं अपना अभिनय खातिर दुनिया भर में चर्चित हॉलीवुड स्टार वार्विक डेविस अब भोजपुरी सिनेमा में काम करे वाला बाड़ें. पिछला दिने वार्विक डेविस भारत के खुशी क्रियेशंस एण्ड कम्यूनिकेशन अउर हांगकांग के सिटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड के बैनर तले बने जात भोजपुरी फिल्म ‘चिंगारी’ में काम करे के सहमति दिहले बाड़ें.

एह भोजपुरी फिल्म ‘चिंगारी’ के निर्माता हउवें श्रेय श्रीवास्तव आ निर्देशन करीहें मशहूर निर्देशक के.डी. फिल्म के शूटिंग भारत में कइल जाई आ एह खातिर वार्विक जल्दिए भारत अइहें. फिल्म के निर्माता श्रेय श्रीवास्तव के कहना बा कि हॉलीवुड स्टार वार्विक डेविस के भूमिका लोग के चउँका के रख दी. हमेशा कुछ अलग करे आ भोजपुरी सिनेमा में बदलाव लावे का दिशाईं ई कदम उठावल गइल बा.

एह फिल्म के कैमरामैन रहीहें मनोज कुमार, कहानी आ पटकथा खुद श्रेय श्रीवास्तव के लिखल ह, जबकि संवाद वीरेन्द्र पाठक के. संगीत दीहें वैष्णव देवा आ नरजिस म्यूजिक संगीत जारी करी. फिल्म के कलाकारन में रानी चटर्जी, सुशील सिंह, श्वेता हलदर, प्रकाश अवस्थी, दीपा सिंह आ खुद श्रेय श्रीवास्तव के मुख्य भूमिका रही. साथ में रहीहें प्रकाश जैस, सिकंदर खान, राजीव वशिष्ठ, कौशल, गौरी शंकर, आ डांसिंग क्वीन सीमा सिंह.


(शशिकांत सिंह रंजन सिन्हा के रपट)

बहुमुखी प्रतिभावान चुन्नू सिंगापुरी पाँच गो फिलिमन में नायक

चुन्नू सिंगापुरी

बहुमुखी प्रतिभा के धनी चुन्नू सिगापुरी उत्तर प्रदेश के देवरिया के हउवें. सिंगापुर में पलल-बढल चुन्नू बीसन भाषा जानेलें. जबे कबो मौका मिलेला त गाँव के रस्मो-रिवाज़ जाने समुझले ला भोजपुरिया माटी का गोदी में आवत रहेलें. एही चलते चुन्नू भोजपुरी समाज के हर परम्परा आत्मसात कइले बाड़ें. सिंगापुर के राधाकृष्ण मंदिर में हर अतवार के भोजपुरी समाज क बीचे अपना मण्डली संगे भोजपुरी के पारंपरिक गीत नृत्य परोसत रहेलें जवना में ‘अहिरउआ, कोहरउआ, धोबियऊ, गोडऊ, अउर पसियउआ’ नाचन के खास प्रस्तुतिकरण कइल करेलें.

हाल ही में मुंबई के M4U स्टूडियो में ‘चुन्नू सिंगापुरी प्रोडक्शन हाउस’ के बैनर तले एके साथ पाँच गो फिलिमन के भव्य मुहूर्त कइल गइल. एह फिलिमन, विदेशी बाबू के देसी ठुमका, जियत रहनी तोहरे खातिर, टपोरी चुन्नू पांडे, लागल रहा ए मामाजी, आ कुलटा, के नायक चुन्नू सिंगापुरी रहीहें. उनुकर नायिका रहीहें राखी त्रिपाठी, नेहा श्री सिंह, भाविका देसाई, प्रेरणा सुषमा, पूजा सिंह, लवी श्रीवास्तव, अनामिका सिंह वगैरह. या करते हैं. एह पाँच फिलिमन में खास होखी श्यामचरण यादव निर्देशित फिल्म ‘विदेशी बाबू के देसी ठुमका’ जवना में सगरी भोजपुरी नृत्य शैलियन के बेहतरीन तरीका से पेश कइल जाई.


(अपना न्यूज के रपट)

करण जौहर क पसंद आइल रवि किशन के भोजपुरी गाना

फिल्म दबंग में सलमान खान

हिंदी फिफिलिमन के मशहूर सुप्रसिद्ध निर्माता निर्देशक करण जौहर भोजपुरीओ गाना के शौक़ीन हउवें खासकर के ओह गीतन के जवना के रवि किशन पर फिल्मावल गइल होखे. करण जौहर एह बात के खुलासा कइलन कलर्स टीवी के शो “झलक दिखला जा में” जवन पिचला शनिचर आ अतवार के देखावल गइल.

एह एपिसोड में रवि किशन के दबंग के गाना पर दिहल पर्फोमेंस का बाद करण जौहर रवि किशन के बहुते तारीफ कइलन आ कहलन कि उनुका भोजपुरी फिलिमन के गाना बहुते पसंद बा खासकर के रवि किशन पर फिल्मावल कुछ गाना. ओकरा बाद ऊ रवि किशन से निहोरा कइलन कि ऊ उनका फेवरेट गाना “तोहार लहंगा उठा देब रिमोट से” पर परफोर्म करसु. रवि किशन तब ठेठ भोजपुरिया अंदाज़ में ओह गाना पर ठुमका लगवलें.

रवि किशन के कहना बा कि करण जौहर जइसन निर्माता निर्देशक अगर भोजपुरी गाना पसंद करेलें त ई बिना शक भोजपुरी ला शुभ संकेत बा.


(उदय भगत के रिपोर्ट)

‘बिदेशी बाबू के देसी ठुमका’ निर्देशित करीहें श्यामचरण यादव

श्याम चरण यादव

के कहेला कि छलनी में पानी भरा ना सके, बरफ जमला ले आस जगवले राखे क होला. कुछ अइसने उदगार कहे वाला सिंगापुर के चुन्नू सिंगापुरी एके साथ पाँच गो भोजपुरी फिलिम बनावे के एलान कइले बाड़न, हालही में एह पाँचो फिलिमन के मुहुर्त मुंबई के m4u स्टूडियो में करावल गइल. एह पाँचो फिलिमन में अलग- अलग निर्देशक, गीतकार, संगीतकार आ टेक्नीशियन होखीहें जेहसे कि फिल्म निर्माण में कवनो बाधा ना आवे.

एहमें से एगो फिल्म ‘बिदेशी बाबू के देसी ठुमका’ के निर्देशित करीहें श्याम चरण यादव जिनकर एह फिल्म से बतौर निर्देशक शुरुआत होखत बा. एकरा पहिले ऊ कुछ फिलिमन आ धारावाहिकन के सहायक निर्देशक रहल बाड़ें. फिल्म के लेखक खुद श्यामचरण यादव हउवे आ पटकथा, संवाद मनोज पी.एस.सी. के बा. मुख्य भूमिका में चुन्नू सिंगापुरी, नेहा श्री, धर्मेन्द्र सिंह, प्रेरणा सुषमा, रवि यादव, भाविका देसाई आ बालेश्वर सिंह रहीहें.


(अपना न्यूज के रपट)

एक और बगावत की आग

सिनेमा भोजपुरी के चलन का खिलाफ त अनेके फिल्मकार विद्रोह के आग सुलगावत रहल बाड़ें बाकिर दर्शकन के एह आग से कवनो नया रोशनी नइखे मिलल. अबकी अनेके धारावाहिकन के निर्देशन कर चुकल निर्देशक दिनेश चन्द्र मिश्रा अपना फिल्म “एक और बगावत की आग” से एह बगावत के झंडा बुलंद करे जात बाड़न. बी. आर .इशारा जइसन मशहूर निर्देशकन के सहायक रहल दिनेश चन्द्र मिश्रा के कहना बा कि भोजपुरी सिनेमा कथ्य आ शिल्प के हिसाब से बहुते पिछड़ल बाड़ी सँ काहे कि एहन के कथानक पर बाजारवाद हावी हो गइल बा. भोजपुरी सिनेमा के बदहाली खातिर दिनेश चन्द्र मिश्रा स्टार सिस्टमो के दोषी मानेलें. हालाकिं उनकर इहो कहना बा कि अबही मार्केट में कवनो अइसन स्टार नइखे जे अकेले अपना दम पर फिल्म के कामयाबी दिलवा सके. मिश्रा के पूरा यकीन बा कि बढ़िया कहानी के अगर नयको सितारन का साथे परदा पर पेश कइल जाव तबो फिल्म जरूर चली. देखल जाव उनकर ई यकीन हकीकत बन पावऽता कि ना.


(स्पेस क्रिएटिव मीडिया के रपट)

रामाकांत प्रसाद क ‘जानवर’

सिनेमा भोजपुरी का परदा पर मशहूर निर्माता-निर्देशक रामाकांत प्रसाद अब आपन ‘जानवर’ ले के आवत बाड़न. आदिशक्ति इंटरटेनमेंट आ सीता आर्टस के प्रस्तुति, कुमारी माई मूवीज के बैनर तले बनत एह फिल्म में एक्शन सितारा विराज भट्ट के खास भूमिका बा. साथ में बाड़ी सुप्रेरणा सिंह, प्रिया शर्मा, तनुश्री चटर्जी, आ बाड़ें नीरज राज पौडेल, दीपक सिन्हा, राकेश पुजारा, अनिल यादव अउर ऋषभ राज ‘गोलू’.

स्पेशल इफेक्ट्स आ नयकी तकनीकन के इस्तेमाल करत बने वाली एह फिल्म के निर्माता निर्देशक रामांकांत प्रसाद भोजपुरी में मिसाल बतावत बाड़ें. फिल्म के गीतकार आ संगीतकार अशोक कुमार दीप हउवें, संपादन दीपक जौल करत बाड़ें आ मारधाड़ हीरा यादव करइहें.


(प्रशांत निशान्त के रपट)