भउजी हो….

भउजी हो…..

का बबुआ ?

लालू आ मुलायम के शिकायत बा कि सरकार ओह लोग के तनखाह कमे काहे बढ़वलसि ह ?

ओह लोग के कतनो तनखाह दे दिहल जाई कमे रही. आखिर मास्टरी करत करोड़पति देश के कई जने भइल बाड़न ? जे चपरासीओ लायक ना रहल से आजु करोड़न में खेलत बा. आखिर कुछ त खास बा एह लोगन में.

तबे नू भउजी कुछ मीडिया वाले एह लोग के अउरी लहकावत बाड़े कि अमेरिका में एहूसे तेरह गुना मिलेला.

ऊ देश के शुभचिन्तक होइहें स. काश ई लोग ओतना तनखाह पावे खातिर अमेरिका चलि जाइत त भारत के लोग चैन के साँस लीहित.

बाकिर भउजी, लालू त फेर बिहार के मुख्यमंत्री बने के सपना देखत बाड़न.

जा के प्रभु दारुण दुख दीन्हि ताके मति पहिले हर लीन्हि. अगर बिहारियन का किस्मत में भोगले लिखल होखी त भोगला से के रोक पाई ? आखिर आधी रोटी खायेगें इन्दिरा जी को लायेगें कहि के लोग बाद में भोगल कि ना ?

भउजी तू चुनाव काहे नइखू लड़ि जात ?

हम चुनाव लड़ब त चुहानि के लड़ी ? राउर भईया ?


भउजी हो के पिछला कड़ी

भउजी हो !

भउजी हो !

का बबुआ ?

प्रधानमंत्री जी काश्मीर के बेसी स्वायत्ता देबे के बाति कहले बाड़न.

ओहसे का हो जाई ?

ओहिजा के लोग खुश हो जाई.

एहसे त बढ़िया रहित कि ऊ भारत के काश्मीर से आजाद करा देवे के बाति कहले रहतन.

कुछ गलती नइखे होत तोहरा कहला में ? का कहल चाहत बाड़ू ? काश्मीर के आजाद करावे के नू ?

ना बबुआ. काश्मीर त आजाद पहिलही से बा. मन कइलस त सगरी पण्डितन के मार भगा दिहलस. जब मन करे ला भारत का विरोध में बवाल कर लेला. हम त भारत के काश्मीर से आजाद करावे के बात कहत रहनी. जे हर कदम पर काश्मीरियन के गुलाम का तरह व्यवहार करेला. देश का बाकी हिस्सा का कीमत पर काश्मीरियन के हर तरह के आर्थिक पैकेज देला. जहाँ आजु तक भारत के संविधान के हर पहलू लागू ना हो पावल. ओकरा सुरक्षा पर पता ना कतना धन खर्च करेला, पता ना कतना हिन्दुस्तानी जवान आपन जान दे देबेले हर साल. एक बेर काश्मीर के कह दित कि देखऽ लोग तू आपन व्यवस्था. हम चलनी अपना देशे.

आ जम्मू आ लद्दाख के का होखी?

ऊ लोग त भारत के ह, भारते में रही. बाकिर हमहू जानत बान कि कांग्रेस सरकार एकरा खातिर कबो तइयार ना होखी.

काहे भउजी ?

तब ऊ लोग के सेकूलर वाला सिद्धान्त गलत साबित हो जाई. देश के बँटवारा धार्मिक आधार पर भइल रहे. ओहि घरी एह समस्या के हमेशा खातिर निपटावल जा सकत रहुवे. बाकिर गाँधी आ नेहरु के पाखण्ड का चलते ना हो पावल आ पूरा देश आजु ले ओह गलती के भुगतत बा.

आज तोहरा से बेसी बतियावल ठीक नइखे.

हँ बबुआ सोझ बतिया सोझे करेजा पर नू लागेला.


भउजी हो के पिछला कड़ी.

भउजी हो!

भउजी हो!

का बबुआ?

सुनलू हऽ?

बहिर थोड़े हईं. कवना बात का बारे में पूछत बानी?

सुने में आवत बा कि देश में शौचालय से बेसी मोबाइल हो गइल बा.

त एहमें अचरज का बा? एगो शौचालय से कई लोग के काम चल जाला, जबकि एक एक आदमी के दू गो तीन गो मोबाइल रखे के पड़ेला. दोसरे, देश के बड़हन आबादी शौचालय के इस्तेमाले ना करे. ऊ सीधा मैदाने चल जाला.

बाकिर संयुक्त राष्ट्र संघ के एजेन्सी एकरा के दुखद संयोग बतवले बिया.

केहू ओह लोग से कबो पुछले बा कि टायलेट पेपर से पोंछिये के काम चलावे वाला लोग दोसरा का आदतन का बारे में का कही?

भउजी तू त पोंछीटे खोल दिहलू.

राउर बतिये अइसन रहल ह.


भउजी हो के पिछला कड़ी.

भउजी हो!

भउजी हो!

का बबुआ? कइसे कइसे? कहवाँ रहतानी आजुकाल्हु कि देखलो दुलम भइल बा?

जानत रहली हँ कि आजु २१ गो तोप के सलामी मिलला बिना ना रही. जानते बाड़ू हमार काम धाम. कबो कबो खाइलो पियल दुलम हो जाले. खैर तू बताव? चिदम्बरम के इस्तीफा पर का राय बा?

कांग्रेस में फेर से नैतिकता के बात करे वाला एगो मंत्री आ गइल बा. अउरी का?

आ शोएब सानिया पर तोहर राय?

दोसरा के फटला में टाँग ना अड़ावे के. लोग त इहाँ तक कहे लागल बा कि अतना हिन्दुस्तानी मुसलमानन में सानिया के केहू मरद ना बुझाइल त पाकिस्तानी चुन लिहली. अब टेनिस मे जवन रैंकिंग रहे सानिया के, खबरन में त बनल रहीहें कुछ दिन.


पहिले के भउजी हो