संविधान के अठवीं अनुसूची में भोजपुरी शामिल करावे ला जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन

पिछला २९ अगस्त का दिने दिल्ली के जंतर मंतर पर एगो बड़हन धरना प्रदर्शन कर के जोरदार ढंग से भोजपुरी भाषा के संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल करावे ला सरकार पर दबाव बनावे के कोशिश भइल. ई धरना प्रदर्शन पूर्वांचल एकता मंच, भोजपुरी समाज दिल्ली, अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन आ भोजपुरी के अनेके संगठनन के अगुवाई में भइल. एहमें शामिल होखे ला देश भर से लोग आइल.

याद बा कि संसद के पिछला सत्र में तब गृह मंत्री रहल पी़ चिदम्बरम ई आस धरवले रहलें कि मानसून सत्र में भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता खातिर बिल संसद में पेश कर दिहल जाई. बाकिर मानसून सत्र में सरकार एकरा ला कवनो पहल ना कइलसि जवना पर नाराजगी जतावे खातिर जंतर-मंतर पर भोजपुरिया बुद्धिजीवी लोग आ भोजपुरी प्रेमी सामाजिक कार्यकर्ता ई धरना प्रदर्शन कइलें.

एह मौका पर बोलत सांसद उमा शंकर सिंह बतवलें कि एह बाबत ऊ आ सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह यूपीए अध्यक्षा सोनिया गांधी से मिलल रहुवे आ उनुका के सरकार के दिहल आस के याद करावल लोग. कहलन कि ई त हंगामा के भेंट चढ गइल लागऽता बाकिर विश्वास जतवले कि अगिला सत्र में ई मांग पूरा हो जाई. सांसद महाबलो मिश्र ने कहलें कि उहो एह मुद्दा पर नजर गड़वले बाड़न आ जी जान से लागल बाड़न अगिला सत्र में बिल जरूर पास हो जाई. भोजपुरी समाज दिल्ली के अध्यक्ष अजीत दुबे कहलें कि पिछलका सत्र में दिहल भरोसा का बावजूद एह सत्र के विचारणीय सूची में शामिल 32 गो बिल में भोजपुरी वाला बिल शामिल नइखे. अजीत दुबे सरकार से निहोरा कइलें कि भोजपुरी के ई माँग अगिला सत्र में जरूर पूरा कर दिहल जाव. पूर्वांचल एकता मंच के अध्यक्ष शिवजी सिंह के कहना रहल कि समय अब आर पार के लडाई के बा. सरकार आपन बात पूरा करे ना त गांव से लगायत दिल्ली ले जनांदोलन कइल जाई. अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन के महामंत्री डॉ. गुरुचरण सिंह कहलन कि पिछला चालीस साल से चलत एह कोशिश के सरकार हलुका मत ले ना त भारी पड़ी. कुँअर वाहिनी के अध्यक्ष प्रो.जीतेन्द्र स्वामीओ धिरवलें कि सरकार भोजपुरी भाषा, साहित्य अउर संस्कृति के कमतर आंके के कोशिश मत करे आ जल्दी से जल्दी भोजपुरी के 8वीं सूची में शामिल कर देव.

एह प्रदर्शन में शामिल हजारों लोग के संबोधित करे वालान में पी़ एऩ पाण्डेय, वी पी सिंह, संतोष पटेल, मनोज भावुक, निगम पार्षद सत्येन्द्र सिंह राणा, मुकेश सिन्हा, संजय सिंह, निर्मल सिंह, मुकेश कुमार सिंह, एल एस प्रसाद, रामेश्वर सिंह, श्रीकांत यादव, श्रीकांत विद्यार्थी, विनोद श्रीवास्तव अउर अमरेन्द्र सिंह वगैरह शामिल रहलें.

प्रदर्शन के आखिर में प्रधान मंत्री, गृह मंत्री आ लोकसभा अध्यक्ष के भोजपुरी भाषा के संविधान के अउवीं अनुसूची में शामिल करावे बाबत ज्ञापन देके धरना खतम भइल.


(स्रोत समाचारन से)

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भोजपुरी ला मिलल आश्वासन पर भोजपुरी समाज दिल्ली आभार जतवलसि

बियफे का दिने लोकसभा में गृहमंत्री पी चिदंबरम के दिहल बयान कि भोजपुरी के संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल के के बिल मानसून सत्र में आई से भोजपुरी समाज दिल्ली के अध्यक्ष अजीत दुबे खुशी जाहिर करत कहले बाड़न कि एह खबर से देश-विदेश के सगरी भोजपुरियन में खुशी के लहर उठ गइल बा. भोजपुरी समाज दिल्ली गृहमंत्री पी चिदंबरम के एह आश्वासन ला उनुका के धन्यवाद देत बा. साथ ही लोकसभा स्पीकर के आभार जतावल गइल बा कि उनुका सभापतित्व काल में एह आशय के आश्वासन मिलल.

सांसद जगदम्बिका पाल, संजय निरूपम, रघुवंश प्रसाद सिंह, शत्रुघ्न सिन्हा, उमाशंकर सिंह, नीरज शेखर वगैरह सगरी संसद के आभार जतावल जात बा जे लोग समय समय पर संसद में भोजपुरी के सवाल उठावत आइल बा.. एही सांसदन के लगातार दबाव का चलते गृहमंत्री के आश्वासन मिल सकल. ई बिल पास भइला पर भोजपुरी भाषा के सम्मान बढ़ी आ भोजपुरी समाज अपना के गौरवान्वित महसूस करी.

भोजपुरी के संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल करे के मांग करे वालन में भोजपुरी समाज दिल्ली हमेशा अगुआ रहल बा. एह कड़ी में हाल ही में 4 अप्रैल 2012 के भोजपुरी समाज 62 गो सांसदन के चिट्ठी भेज के एह दिसाईं निहोरा कइले रहुवे. समाज के पूरा विश्वास बा कि संसद के मानसून सत्र में एह आश्वासन के पूरा कर दिहल जाई.


(स्रोत – भोजपुरी समाज दिल्ली के विज्ञप्ति)

भोजपुरी के अठवीं अनुसूची में जगहा मिले के आसार

बियफे का दिने लोकसभा में एगो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर गृह मंत्री पी चिदंबरम भोजपुरी में कहलन कि “हम रउआ सभे के भावना समुझत बानी” आ आश्वासन दिहलन कि एह मामिला में एगो बिल संसद के मानसून सत्र में ले आवल जाई.

भोजपुरी के संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल करावे खातिर भोजपुरी के अनेके संगठन एक जमाना से आंदोलन करत आइल बाड़न. दुख के बात त ई बा कि बलिया के चन्द्रशेखर जब प्रधानमंत्री रहलन तबहियो भोजपुरी के ओकर जायज जगहा ना मिल सकल जबकि उनुके राज में नेपाली के एह सूची में जगहा दे दिहल गइल रहे.

पी चिदंबरम भोजपुरी में कहलें, हम रउरा सभ के भावना समुझत बानी

आजु जब लोकसभा में भोजपुरी के संविधान के अठवीं अनुसूची में शामिल करे के सवाल उठावल गइल त गृह मंत्री पी चिदंबरम एह बारे में सहानुभूति से विचार करे के भरोसा दिआवत भोजपुरी में कहलें कि “हम राँवा सब के भावना समुझत बानी.”

कवनो ठोस आश्वासन ना मिलला का बावजूद अतनो बहुत बा कि तमिलभाषी गृहमंत्री भोजपुरी में आश्वासन दिहलें. कहलें कि एह बारे में बनावल समिति के रिपोर्ट सरकार के मार्च में मिल गइल बा आ जल्दिए ऊ सदन के एह बारे में एगो बढ़िया खबर सुनइहें.

हालांकि एह भरोसा पर सांसद लोग के भरोसा ना लउकल आ ऊ लोग कहल कि एगो तय तिथि बतावल जाव आ एह बात पर दबाव बनावत कई पार्टी के सांसद अगिला कतार में आ गइलें. बाद में लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार समुझवली कि जब गृह मंत्री भरोसा देत बाड़न त उनुका पर भरोसा राखे के चाहीं. इहो कहली कि चिदंबरम हमेशा अंगरेजिए में बोलेलें आ हिंदीओ कमे बोलेलें. आजु भोजपुरी में बोललें से एह बाति के खयाल राखल जाव.