एक चतुर नार, करके सिंगार

सोलह सिंगरों से लैस सर पर मटकी उठाये इस चतुर नार को देख चौंक गए क्या ? नार बने ये नर हैं भोजपुरी इंडस्ट्री के असली सुपरस्टार दिनेशलाल यादव ‘निरहुआ’, जो दीपक सावंत और अभिषेक चड्ढ़ा की फिल्म ‘गंगादेवी’ में अपने हुस्न के जलवे दिखाते नज़र आयेंगे. नर होकर नारी का स्वांग भरना भोजपुरी सिनेमा के लिए भले ही नयी बात हो, लेकिन बॉलीवुड में अमिताभ बच्चन से लेकर आमिर खान और गोविंदा तक ये कारनामे कर चुके हैं. अब दिनेशलाल यादव भी इन सितारों की फहरिस्त में शामिल हो चुके हैं. ‘गंगादेवी’ दिनेशलाल यादव और पाखी हेगड़े की कामयाब जोड़ी को बिल्कुल नए अंदाज़ में दर्शकों से रु-ब-रु करवाएगी. फिल्म में दिनेश जहाँ एक दबंग किस्म के शख्स के रोल में हैं, वहीं पाखी हेगड़े अपनी इमेज से अलग भारतीय नारी के संस्कारों का प्रतिनिधित्व करती नज़र आएँगी. नारी शक्ति की महिमा मंडित करनेवाली ये फिल्म भोजपुरी इंडस्ट्री में एक नयी परम्परा का आगाज़ करेगी इसमें कोई शक नहीं.


(स्रोत – स्पेस क्रिएटिव मीडिया)

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“गंगादेवी” एक ट्रेंड सेटर फिल्म साबित होगी – अभिषेक चड्ढ़ा


भोजपुरी फिल्मों का माहौल और मिजाज़ थोड़ा अलग है. यहाँ लीक से हटाते ही दर्शकों का हाजमा बिगड़ने लगता है. ऐसे में अगर कोई लीक तोड़ने की जिद्द पर कामयाबी से अड़ा रहे, उनकी कोशिश दाद के काबिल है. अभिषेक चड्ढ़ा ऐसे ही निर्देशक हैं, जो अपनी हर फिल्मों में प्रयोग की तरजीह देते हैं. उनकी पिछली फ़िल्में ‘गंगा’, ‘गंगोत्री’, ‘वाह! जीजाजी’ औरअब ‘गंगादेवी’ इस बात का एक और सबूत पेश करेगी. उन्होंने गंगादेवी में कथानक के स्तर पर भी एक नया प्रयोग किया. फिल्म में शिवपुर के जिस महिला सरपंच गंगादेवी की कहानी को उन्होंने आधार बनाया हो, वो अपने स्तर ही एक साहसिक कदम है.. पहली बार उन्होंने बैडमैन यानि गुलशन ग्रोवर और जया बच्चन को भोजपुरी दर्शकों से रु-ब-रु कराने का भी बीड़ा उठाया. बतौर निर्देशक अभिषेक चड्ढ़ा की खासियत ये है कि वो उन चीजों से छेड़-छाड़ नहीं करते, जो भोजपुरी फिल्मों की आत्मा है. लेकिन एक तयशुदा दायरे में होने के बावजूद उनकी फ़िल्में लकीर का फकीर नज़र नहीं आती.. बहरहाल, गंगादेवी में इस बार उन्होंने दिनेशलाल यादव (निरहुआ), पाखी हेगड़े, गिरीश शर्मा, अवधेश मिश्रा और गुलशन ग्रोवर जैसे बड़े सितारों का मजमा लगाया है. इनके अलावा अमिताभ बच्चन और जया बच्चन इस फिल्म के खास आकर्षण होंगे.. अभिषेक चड्ढ़ा ने गंगादेवी में हर कलाकार को परम्परागत इमेज से बाहर निकालकर एक नया प्रयोग करने की कोशिश की है. इस एक्सपेरीमेंट में वो कितना कामयाब होते हैं ये तो वक्त ही बताएगा…


(स्रोत – स्पेस क्रिएटिव मीडिया)