ब्रह्मेश्वर मुखिया के हत्या के जाँच सीबीआई से करावल जाई

बिहार सरकार आखिरकार एह बात ला तइयार हो गइल कि रणवीर सेना के प्रमुख रहल ब्रह्मेश्वर मुखिया के हत्या के जाँच सीबीआई से करावल जाई. अनेके राजनीतिक दल एकर माँग करत रहलें आ पहिले सरकार के कहना रहल कि बिहार पुलिस एकर जाँच करे में पूरा सक्षम बिया. सरकार के एह फैसला के भाकपा माले गलत बतवले बिया आ कहले बिया कि ई सरकार के पक्षपात देखावत बा.

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ब्रह्मेश्वर मुखिया के अंतिम संस्कार पटना बाँस घाट पर

आजु सबेरे साढ़े नौ बजे आरा से ब्रह्मेश्वर मुखिया के मजल लेके लोग पटना खातिर रवाना हो गइल. एह मजल में सौ से बेसी गाड़ी आ हजारन लोग शामिल बा. रास्ता में अउरियो लोग एह मजल में शामिल होखत जाई आ पटना चहुँपत चहुँपत एहमें लाखन लोग के शामिल हो जाए के अनेसा प्रशासन के बा. सुरक्षा खातिर चौकन्ना प्रशासन कवनो चूक नइखे होखे दिहल चाहत काहे कि ओकरा बाद हालात सम्हारल मुश्किल हो जाई.

बाँसघाट पर साँझ घरी ब्रह्मेश्वर मुखिया के आग दिहल जाई. आरा से लगाइत पटना ले चप्पा चप्पा पर पुलिस मुस्तैद बिया. बिहार में सगरो पुलिस प्रशासन के चौकन्ना करा दिहल गइल बा.

नक्सली आतंक का खिलाफ बनल रणवीर सेना के मुखिया ब्रह्मेश्वर मुखिया पर साल 1994 से लिहले साल 2002 क बीच करीब अढ़ाई सौ लोग के हत्या के दू दर्जन से बेसी मामिला में आरोपी बनावल गइल रहे. बाकिर बाद में सुबूत ना रहला का चलते अदालत उनुका के पिछला साल जुलाई में जमानत दे दिहले रहुवे.

ब्रह्मेश्वर मुखिया के हत्या का बाद उपजल तनाव शहर में कर्फ्यू लागू

रणवीर सेना के प्रमुख रह चुकल आ नौ साल बाद जेल से रिहा हो के अप्रेल में बाहर आइल ब्रह्मेश्वर मुखिया के हत्या का बाद उनुकर समर्थक खिसिया गइलें आ आरा समेत कई जगहा तोड़ फोड़ आ आगजनी कइलें. मुखिया के हत्या के सगरी राजनीतिक दल नि्दा कइले बाड़न आ भाजपा के सीपी ठाकुर समेत अनेक नेता एह मामिला के सीबीआई जाँच करावे के माग कइले बाड़न.

हत्या का बाद उपजल हालात पर काबू पावे खातिर आरा शहर में निषेधाज्ञा लगा दिहल गइल आ पूरा राज्य में अलर्ट जारी कर दिहल गइल बा.

ब्रह्मेश्वर मुखिया के हत्या कर दिहल गइल

आरा में आजु सबेरे चार बजे टहले निकलल ब्रह्मेश्वर मुखिया के कुछ अपराधी गोली मार के हत्या कर दिहलें. कुछ महीना पहिले ब्रह्मेश्वर मुखिया अदालत से आरोप मुक्त भइला का बाद जेल से रिहा भइल रहलें. बिहार सरकार के मालूम रहे कि रणवीर सेना के पूर्व प्रमुख रहल ब्रह्मेश्वर मुखिया के जान पर हरदम खतरा बा. एकरा बावजूद उनुका के कवनो सुरक्षा ना दिहल गइल रहे.

नक्सली आतंक से इलाका के किसानन के बचावे का मकसद से बनल रणवीर सेना जमीन मालिक किसानन के सुरक्षा में बनल सशस्त्र संगठन रहुवे. नक्सलियन से मुकाबला करे में अनेके हत्याकाण्ड भइल जवना में कबो कबो बेकसूर औरतन आ बचवनो के मार दिहल गइल रहे. एही सब नरसंहार में ब्रह्मेश्वर मुखिया के गिरफ्तार कर के मुकदमा चलावल गइल रहे बाकिर अदालत सबूत का अभाव में उनुका के रिहा कर दिहलसि.

मुखिया के हत्या का बाद आजु आरा भोजपुर आ अगल बगल के कई इलाकन में छिटपुट हिंसा के खबर आवत बा. हो सकेला कि ई संघर्ष जातीय संघर्ष के रूप धर लेव. पुलिस प्रशासन हालात से निपटे में लागल बा.