राज ठाकरे के जवाब में मराठी फिल्म के शूटिंग शुरू कइलन रवि किशन

भोजपुरी के सदाबहार अभिनेता रवि किशन पिछला अतवार का दिने अपना मराठी फिल्म “मध्यवर्ग” के शूटिंग मुंबई के एसजे स्टुडियो में शुरू कइलन. कहेवाला एकरा के राज ठाकरे के बिहार विरोधी बयान के मुँहतोड़ जवाब कहत बाड़ें बाकिर रवि किशन के कहना बा कि एह बात के राज ठाकरे के बयान पर पलटवार बतावल गलत होखी काहे कि कवनो कलाकार जाति धर्म भा प्रान्त के भेद ना माने.

मराठी फिल्म “मध्यवर्ग” में रविकिशन नायक बनल बाड़ें आ ई पहिला मौका बा जब कवनो भोजपुरी अभिनेता मराठी फिलिम के नायक बनल बा. फिल्म के निर्देशक हैरी फर्नांडीज कहलन कि रवि किशन फर्राटा से मराठी बोलेलें आ उनकर टोन एकदम मराठीए मानुष जस लागेला. दोसरे एह किरदार लायक सबले फिट रवि किशन रहलन एहसे ऊ रविकिशन से संपर्क कइलन त रवि किशन तुरते तइयार हो गइलन कि नेतवन के आपन काम करे दिहल जाव आ हमनी का आपन काम करत रहीं जा.

रविकिशन बतवलन कि फिलिम त ऊ बहुत पहिलही साइन कइले रहलन बाकिर अपना व्यस्तता का चलते सितम्बर के तारीख दिहले रहलन जब अब अपना पहिले से तय तारीखे पर शुरू भइल बा. कहलन कि यूपी बिहार के लोग के मराठीओ भाषा से लगाव बा. दोसरे ऊ खुद मुंबई में अपना गृहप्रांत उत्तर प्रदेश से अधिका रहल बाड़ें.


(स्रोत – उदय भगत के रपट)

करण जौहर क पसंद आइल रवि किशन के भोजपुरी गाना

फिल्म दबंग में सलमान खान

हिंदी फिफिलिमन के मशहूर सुप्रसिद्ध निर्माता निर्देशक करण जौहर भोजपुरीओ गाना के शौक़ीन हउवें खासकर के ओह गीतन के जवना के रवि किशन पर फिल्मावल गइल होखे. करण जौहर एह बात के खुलासा कइलन कलर्स टीवी के शो “झलक दिखला जा में” जवन पिचला शनिचर आ अतवार के देखावल गइल.

एह एपिसोड में रवि किशन के दबंग के गाना पर दिहल पर्फोमेंस का बाद करण जौहर रवि किशन के बहुते तारीफ कइलन आ कहलन कि उनुका भोजपुरी फिलिमन के गाना बहुते पसंद बा खासकर के रवि किशन पर फिल्मावल कुछ गाना. ओकरा बाद ऊ रवि किशन से निहोरा कइलन कि ऊ उनका फेवरेट गाना “तोहार लहंगा उठा देब रिमोट से” पर परफोर्म करसु. रवि किशन तब ठेठ भोजपुरिया अंदाज़ में ओह गाना पर ठुमका लगवलें.

रवि किशन के कहना बा कि करण जौहर जइसन निर्माता निर्देशक अगर भोजपुरी गाना पसंद करेलें त ई बिना शक भोजपुरी ला शुभ संकेत बा.


(उदय भगत के रिपोर्ट)

रवि किशन भोजपुरिया रंग में रंग दिहलें “झलक दिखला जा” के

कलर्स के शो झलक दिखला जा में रवि किशन

भोजपुरी के सदाबहार सुपर स्टार रवि किशन क एगो खासियत ह कि ऊ माहौल क मुताबिक ढल जालें आ माहौलो जे अपना रंग में रंग देलें. ते हैं. कलर्स टीवी के बहुचर्चित शो “झलक दिखला जा” में, रवि किशन बतौर प्रतिभागी कोरियोग्राफर कुंजन क संगे डांस के जलवा बिखेरत बाड़न. एकर प्रसारण पिछला शनिचर के शुरु हो गइल. पहिलके एपिसोड में रवि किशन आपन ओह आलोचनन के जवाब दे दिहलन कि उनुका बस भोजपुरिए डांस आवेला. जज क कुर्सी पर बइठल करण जौहर रवि किशन के परफोर्मेंस पर उनुका के बधाई देत कहलन कि “वाकई आप स्टार हैं”.

माधुरी दीक्षित शायद पहिला बेर भोजपुरी में बोलली आ कहली कि नीक लागल. रेमो डिसूजो रविकिशन के तारिफ कइलन. कौन बनेगा करोडपति के विजेता सुशील कुमारो एह शो के हिस्सा बाड़न. ऊ रवि किशन के आशीर्वाद लिहलन आ कहलन कि आप भोजपुरी के अमिताभ बच्चन हईं. बहरहाल पहिलके एपिसोड में रवि किशन आपन दमदार मौजूदगी दर्ज करवा दिहलन. आ आपन भोजपुरिया रंग बखूबी बिखेरलन.

एह शो के प्रसारण शनिचर के रात नौ बजे कइल जाला.


(उदय भगत के रपट)

लहँगा उठाए वाला रिमोट फेरू हाथे लागल रवि किशन के

सिनेमा भोजपुरी के सदाबहार सुपर स्टार रवि किशन बरीसन पहिले अइसन रिमोट उठवले रहले जे लहँगा उठा देत रहुवे त बॉक्स ऑफिस पर धमाल मच गइल रहुवे. अब फेर रवि किशन अपना हाथ में रिमोट लेके ओही इतिहास के दोहरावे के तइयारी शूरू कर दिहले बाड़न.

सिनेमा भोजपुरी के इतिहास में दस गो बड़की सफल फिलिमन में से एगो रहुवे भोजपुरी सिनेमा के शो मैन मोहनजी प्रसाद के फिल्म “पंडित जी बतायीं ना बियाह कब होई”. ओह फिल्म के गाना जबरदस्त धूम मचवले रहुवे आ दर्शकन के भीड़ सिनेमा घरन में उमड़ पड़ल रहुवे. ओकरे एगो गाना रहल – “तोहार लहंगा उठा देब रिमोट से” जवन आजुवो भोजपुरिया कार्यक्रमन में जम के ताली बिटोरेला. अब ओही गाना के नया अंदाज़ जल्दिए दर्शकन के देखे सुने के मिली अल्टूड़ा फिल्म के पहिलकी भोजपुरी फिल्म “रणवीर” में.

सगीतकार हउवें गुनवंत सेन. निर्देशक फ़िरोज़ खान, आ निर्माता अनिल सुन्कारना अउर मनीषा कृष्णा के एह फिल्म में रवि किशन के अपोजिट तीन तीन गो नायिका बाड़ी काजल राघानी, कृषा खंडेलवाल आ इशा खान. पंडित जी बतायीं ना बियाह कब होई वाला गाना में रवि किशन नगमा के लहंगा रिमोट से उठावत रहलें जबकि “रणवीर” क गाना में काजल राघानी के लहँगा उठी. बकौल रवि किशन “रणवीर” के सगरी गाना दर्शकन के झूमा दी आ फ़िरोज़ खान ओकनी के बहुते खुबसूरत अंदाज़ में फिल्मवले बाड़न.

बतावे जोग बा कि अल्टुरा फिल्म्स तेलगु फिल्म इंडस्ट्रीज़ क जानल मानल फिल्म निर्माण कंपनी ए के इंटरटेनमेंट आ 14 रील्स इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के सहयोगी कंपनी ह. एही महीना बॉक्स ऑफिस पर दस्तक देबे जात एह फिल्म में रवि किशन, काजल राघानी, कृशा खंडेलवाल, इशा खान, ब्रिजेश त्रिपाठी, जी. रवि कुमार, अनूप अरोड़ा, हैरी जोश, राकेश त्रिपाठी, फ़रीन, अभिलाषा, शीतल, मेरी वगैरह के मुख्य भूमिका बा.


(उदय भगत के रपट)

भोजपुरी से नाता कबहू ना टूटी – दोहरवलें रवि किशन

सिनेमा भोजपुरी के सदाबहार सुपर स्टार रवि किशन मीडिया में आवत ओह खबरन के खंडन कइले बाड़न जवना में उनुका बारे में कहल जात बा कि ऊ भोजपुरी फिलिमन से पूरा तरह नाता तूड़ लिहले बाड़े. अनेके चैनल आ अखबारन में छपल प्रसारित अइसन खबरन से दुखी रवि किशन अपना बयान में कहले बाड़न कि भोजपुरी फिलिम छोड़े के त ऊ सोचिए ना सकसु. कहलन कि दादा साहब फाल्के अकेडमी अवार्ड समारोह में ओ कहले रहन कि भोजपुरी में बढ़िया कहानी आ पटकथा के कमी बा जवना चलते ऊ अनकस में बाड़ें एहीसे कमे फिलिम करे के तय कइले बाड़न. रवि किशन का मुताबिक ऊ रूटीन जइसन काम करत थाक गइल बाड़न. बाकिर एकर मतलब ई मत निकालल जाव कि ऊ भोजपुरी फिलिम कइले छोड़ दीहें.

रवि किशन दोहरवलें कि फिलहाल ऊ एक दर्ज़न भोजपुरी आ एतने हिंदी फिलिमन में काम करत बाड़े. कहलन कि भोजपुरी फिलिमन के हमेशा माई के हाथ के बनल खाना मनले बाड़न आ अइसना में भोजपुरी छोड़े के बात महज अफवाह आ कोरा बकबास के अलावा कुछ दोसर नइखे.

बतावत चलीं कि पिछला दिने सिलवासा में अपना भोजपुरी फिल्म “साली बड़ी सतावेली” क शूटिंग पूरा करा के आजुकाल्हु रवि किशन निर्माता आलोक कुमार क भोजपुरी फिल्म “गंगा जमना सरस्वती” के शूटिंग में व्यस्त बाड़े.


(उदय भगत के रपट)

मराठी फिल्म जगत सम्मानित कइलसि रवि किशन के

अभिनय में दमखम होखे त भाषा भा इलाकावाद हावी ना होखे. एकर ताजा उदाहरण देखे के मिलल मुंबई में जहवाँ एगो मराठी फिल्म के प्रीमियर में भोजपुरिया टाइगर रवि किशन बतौर मुख्य अतिथि बोलावल गइल आ ओहिजा उनुकर भरपूर सम्मान कइल गइल.

गौरतलब बा कि मराठी फिल्म जगत बढ़िया फिलिम बनावे खातिर जानल जाला. भोजपुरी फिल्म जगत कभिए कभार राष्ट्रीय पुरस्कारन में आपन मौजूदगी दर्ज करा पावेला जबकि मराठी फिलिम ओहिजा हर साल मौजूद रहेला.

मुंबई के लोअर परेल के पीवीआर में आयोजित मराठी फिल्म “मसाला” क प्रीमियरो में मराठी फिल्म जगत के अनेके जानल मानल राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशकन का अलावा अभिनेत्री रेवती, सोनाली कुलकर्णी, अमृता सुभाष, उमेश कुलकर्णी वगैरह मौजूद रहले. मराठी फिल्म जगत से मिलल एह सम्मान से गदगद रवि किशन मराठीए में आपन संबोधन दिहले. रविकिशन कहलन कि मराठी फिलिमने का तरह भोजपुरियो सिनेमा के आपन एगो बढ़िया दर्शक वर्ग तइयार करे के चाहीं. कहलन कि जइसे दयाल निहलानी भोजपुरी फिल्म के निर्देशन करिके भोजपुरी सिनेमा के गरिमा बढ़वले ओही तरह अउरियो बढ़िया निर्देशकन के भोजपुरी में आवे बोलावे क चाहीं जेहसे कि भोजपुरी फिलिमन के स्तर सुधरे.

बहरहाल, एगो भोजपुरी कलाकार के मराठी फिल्म जगत से मिलल सम्मान खाली रविए किशन ला ना बलुक सगरी भोजपुरी फिल्म जगत ला ख़ुशी क बात बा.


(उदय भगत के रपट)

भोजपुरिया शहंशाह रवि किशन के दस साल के फिल्मी सफरनामा

साल १९६२ में पटना में जब पहिलका भोजपुरी फिलिम “गंगा मईया तोहके पियरी चढ़इबो” के मुहूर्त भइल रहे तब केहू ना सोचले रहुवे कि एक दिन उ छोटहन पौधा बड़हन वट वृक्ष बन जाई जवना का छाँह में लाखों लोग आपन परिवार चलाई. साल १९६२ से २००१ ले भोजपुरी फिलिमन के बने के दौरा जारी रहल. ओह दौर में बहुते निमन निमन पारिवारिक फिलिम बनली सँ बाकिर दू हाली अइसन भइल जब फिलिमन के बने में लमहर लमहर खालीपन आ गइल. हँ, बीच बीच में जरूर कुछ इक्का दुक्का फिलिम आपन मौजूदगी दर्ज करावत रहली सँ.

साल २००२ के अप्रैल महीना में पहिलका भोजपुरी फिल्म बनावे वाला विश्वनाथ शाहाबादी के भगीना मोहनजी प्रसाद हिन्दी फिलिमन में निमन ब्रेक खोजे का जुगाड़ में बँवड़ात एगो जौनपुरिया छोरा रवि किशन के अपना फिलिम “सैयां हमार” खातिर साइन कइले आ एही फिलिम से सिनेमा भोजपुरी के तिसरका दौर के शुरुआत भइल. जवन स्वर्ण युग बन गइल सिनेमा भोजपुरी खातिर. कुछेके लाख में बनल ई फिलिम निकहा बिजनेस कइलस आ एहीजे उदय भइल एगो नया सितारा रवि किशन के आ शुरू भइल एगो नया दौर जवन आजु ले जारी बा.

मोहन जी प्रसाद अउर रवि किशन के जोड़ी लगातार चार गो हिट फिलिम देके सिनेमा भोजपुरी के दशे दिशा बदल दिहलसि. फेर त जइसे कि बाढ़ आ गइल. अनेके निर्माता निर्देशकों भोजपुरी फिल्म जगत ओरी रुख कर लिहलन. आजु अगर हर साल पचासो गो ले अधिका भोजपुरी फिलिम बनत बाड़ी सँ त एकर श्रेय जौनपुरिया छोरा रविओ किशन के जा ता.

१७ जुलाई १९७१ के जौनपुर के केराकत तहसील के एगो छोटहन गाँव विसुई के पंडित श्याम नारायण शुक्ला आ ज़डावती देवी का घरे गूजल किलकारी रहे रविन्द्र नाथ शुक्ला माने कि आजु के रवि किशन के. बचपने से कलाकारी प्रवृति के रवि किशन के मन पढाई लिखाई में कम नाचे अभिनय करे में अधिका लागत रहे. मासूम सूरत वाला रवि तब हर साल अपना गाँव में होखे वाला रामलील में शामिल होखे लगलन आ उहो सीता मईया के रोल में. महतारी के डांट आ बाबूजी के पिटाईओ रवि किशन के ई अभिनय मोह ना छोड़ा पवलसि आ आखिर में साल १९९० में उ मुंबई आ गइलन. ओह समय मुंबई के बांद्रा के बाज़ार रोड में दूध के एगो छोट दुकान होखत रहे रवि किशन के. दुकान सम्हारतो खाली समय में फिल्म स्टूडियो के चक्कर लगावल जारी रखलन रवि किशन.

संघर्ष यात्रा

आजु का दौर में कवनो गँवई कलाकार के ओतना संघर्ष ना करे पड़ेला काहे कि अब छोटको परदा हाजिर बा मौका देबे खातिर. बाकिर तब एक मात्र माध्यम सिनेमे रहल से संघर्षो मजगर करे के पड़त रहे. जुनूनी रवि किशन हिम्मत ना हरलन. एह स्टूडियो से ओह स्टूडियो के चक्कर लगावत रहसु रवि किशन. जवने निर्माता निर्देशक से मिलसु ऊ इहे कहे कि तू मिथुन दा के डुप्लीकेट लागत बाड़ऽ. आखिरकार मेहनत रंग लगवलसि आ उधार के जिनिगी में उनुका पहिला मौका मिलल जीतेंद्र का साथे. एह फिल्म में काजोल मुख्य अभिनेत्री रहली. रवि किशन के पहिला शोट जीतेंद्रे का साथ रहल. डेराइल सहमल बाकिर कुछ कर देखावे के तमन्ना रखले रवि आपन पहिला शॉट दिहलन. जीतेन्द्र उनुकर तारीफ कइलें त रविकिशन के कुछ हौसला बढ़ल. फेर रवि किशन के टुकुर टाकुर काम मिले लागल बाकिर अपना भूमिका से ऊ खुश ना रहले. दस साल ले रवि किशन बढ़िया किरदार खातिर आपन संघर्ष जारी रखलन. साल २००० में उनुका छोटका परदा पर हवाएं अउर हेल्लो इन्स्पेक्टर धारावाहिकन में काम करे क मौका मिलल. एह धारावाहिकन से उनुकर आमदनी त बढ़ गइल बाकिर बड़का परदा पर आवे क ललक कायम रहल.

भोजपुरी का सफ़र

एगो शूटिंग में रवि किशन के भेंट चरित्र अभिनेता बृजेश त्रिपाठी से भइल. बृजेश त्रिपाठी अनेके हिंदी आ भोजपुरी फिलिमन में काम कर चुकल रहले आ भोजपुरी परिवेश के अनेके हिंदी फिल्म बना चुकल निर्देशक मोहन जी प्रसाद के बहुते करीबी रहले. मोहन जी प्रसाद तब एगो भोजपुरी फिलिम के योजना बनावत रहले आ एगो हीरो के तलाश में रहलें. एह तलाश के जिम्मा ऊ बृजेश त्रिपाठी के लगवले रहले. बृजेश जब रवि किशन से ओह फिलिम में काम करे के प्रस्ताव रखले त रविकिशन तुरते हामी भर दिहलन आ ओही रात ११ बजे दुनु जने मोहन जी प्रसाद के बांद्रा आवास पहुचले. मोहन जी रवि किशन के देखते सगुन के एगारह हजार रुपिया दिहलें. फिलिम के शूटिंग बिहार में भइल आ फिलिम हिटे ना जबरदस्त हिट भइल. एह फिल्म में मिथुनो दा मेहमान भूमिका में रहले. एह फिल्म क बाद मोहन जी प्रसाद लगातार चार गो फिलिम रवि किशन के साथे बनवले आ चारो हिट रहल. उनुकर चउथी फिलिम रहुवे “पंडित जी बताईं ना बियाह कब होई” जवना में रवि किशन के नायिका रहली नगमा. ई फिलिम सफलता के इतिहास रच दिहलसि. फेर त अनेके निर्माता-निर्देशक भोजपुरी सिनेमा का ओर देखे लगलन. मुंबई में मजदूरन के भाषा कहाए वाली भोजपुरी के सम्मान दिलावे ला रवि किशन बहुते मेहनत कइलन. सदी के महानायक अमिताभ बच्चन होखसु भा शाहरुख खान, रवि किशन सगरी बड़का सितारन के कवनो ना कवनो माध्यम से भोजपुरी से जोड़लन. अमिताभ बच्चन त भोजपुरी फिलिमन में पहिलहु काम कइले रहलन जबकि शाहरुख़ खान दू बेर रवि किशन के फिल्म के कार्यक्रम में आके भोजपुरी के मीडिया में जगहा दिअवले. ओह घरी हिंदी के पत्र पत्रिको भोजपुरी से मूह फेरले रहत रहुवे. रवि किशन अखबारन का दफ्तर में जा जा के भोजपुरी के जम के वकालत कइले. . टीवी चैनलनो पर भोजपुरी के प्रमुखता मिले लालग आ आजु पब्लिसिटी का मामिला में भोजपुरी कवनो भाषाई फिलिमन से कमतर नइखे. सिनेमा भोजपुरी के इतिहास दू बेर अइसन दौर आइल रहुवे जब फिलिम बनल बंद हो गइल रहीं सँ. रवि किशन के एकर एहसास रहल एह से ऊ कवनो मौका ना चूके चाहस. रहल सहल कमी भोजपुरी के गायकन के अभिनय में उतरला से पूरा हो गइल. रवि किशन के अनेके फिलिमन के शूटिंग विदेशन में भइल. उदित नारायण के रवि किशन अभिनीत फिल्म “कब होई गवना हमार” ले राष्ट्रीय पुरस्कारो से सम्मानित कइल गइल. भोजपुरी के लोकप्रियता देखत भोजपुरी फिल्म अवार्डो के शुरुआत हो गइल. .

बडकी कंपनियन के ले आवे के श्रेय

रवि किशन अनेके बड़की कंपनियन के भोजपुरी में ले अइलें. इंडो अमेरिकन कंपनी पन फिल्म्स होखो भा भारत के महिंद्रा एंड महिंदा, भा दक्खिन भारत के अल्टुरा फिल्म्स. सबमें रविकिशन मौजूद रहले. पन फिल्म्स के पहिला फिल्म “जरा देब दुनिया तोहरा प्यार में” के त प्रतिष्ठित कांस फिल्म समारोह में इन्डियन फिल्म पवेलियन में प्रदर्शितो करे के मौका मिलल. महिंद्रा एंड महिंदा रवि किशन का साथे एगो बड़हन बजट के फिल्म “हम बाहुबली” बनवलसि. दिलीप कुमार जब फिल्म बनावल शुरू कइलन त रवि किशन क साथे फिलिम बनवले. फिलहाल तेलगु के सबसे बड़की कंपनी ए.के. इंटरटेनमेंट आ १४ रील फिल्म्स के सहयोगी कंपनी अल्टुरा फिल्म्स रवि किशन का साथे “रणवीर” बनावत बिया. रवि किशन अनेके कोर्पोरेट कंपनियन के अपना ओर खींचलन आ एह अवधारणा के जनम दिहलन कि ऊ हिंदी के कवनो बड़का स्टार से कम नइखन तबहिये त डाबर, थम्स अप, निहार तेल समेत २२ गो बड़की कंपनी उनुका के बिहार अउर उत्तर प्रदेश में आपन ब्रांड अम्बेसडर बनवले बाड़ी सँ.

अवार्ड अउर सम्मान

सिनेमा भोजपुरी में एवार्ड के बात आवे त रवि किशन का सोझा दूर दूर ले केहू ना टिके. भोजपुरी सिनेमा के अबहीं ले कुल नौ गो अवार्ड समारोह भइल बा जवना में छह बेर नंबर वन के खिताब रवि किशन का नामे रहल. एकरा अलावे ऊ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह, दिल्ली के मुख्यमंत्री शीला दीक्षित समेत अनेके सम्मानीत लोगन से पुरस्कृत भइल बाड़े.

हिंदी में भोजपुरिया चेहरा

हाल ही में हिंदी फिल्म “एजेंट विनोद” के समीक्षा में एगो बड़का समीक्षक लिखलन कि रवि किशन भलही हिंदी सिनेमा में भोजपुरिया चेहरा कहल जालें बाकिर इहो साँच बा कि आजु ऊ हिंदी के बड़की फिलिमन के जरूरी हिस्सा बन गइल बाड़न. हिंदी के दिग्गज अपना फिलिमन में रवि किशन खातिर रोल लिखवावे लागल बाड़े. श्याम बेनेगल के “वेलकम टू सज्जनपुर”, “वेल डन अब्बा” आ एगो अनाम निर्माणाधीन फिल्म में रवि किशन काम करत बाड़न. मणिरत्नम के “रा वन” अउर सोहम शाह के “लक” में रवि किशन अपना अभिनय से सभकर दिल जीतले बाड़न, आजु उनुका लगे नाहियो त एक दर्जन से अधिका हिंदी फिलिम बाड़ी सँ जवना में विक्रम भट्ट क “डेंजरस इश्क”, विनोद बच्चन क “जिला गाज़ियाबाद”, “इशक”, “जीना है तो ठोक डाल”, अउर अष्टविनायक के दू गो अनाम फिलिम शामिल बाड़ी सँ.

मौजूदा दौर

मौजूदो दौर में रवि किशन बढ़िया फिल्मकारन के पहिला पसंद होखेलें. दयाल निहलानी जइसन बड़का निर्देशक के पहिला भोजपुरी फिल्म होखो भा दक्खिन के बड़का निर्माता के पहिला भोजपुरी फिल्म “रणवीर” सबमें रविकिशन शामिल बाड़े. रवि किशन का लगे भोजपुरी फिलिमन के लमहर कतार मौजूद बा. बिना कवनो ब्रेक लगातार शूटिंग करत रहे वाला रवि किशन सिरिफ भोजपुरीए आ हिंदी ना, बलुक मराठी, बंगला आ दक्खिन भारतीय फिलिमनो में काम करत बाड़े. कवनो भोजपुरी अभिनेता ला ई बड़का उपलब्धिए मानल जाई कि एगो हिंदी फिल्म में उनुकर छोटहन रोलो देखि के आमिर खान आ शाहरुख खान जइसन अभिनेता उनुका के बधाई दिहलें. दिलीप कुमार से लिहले आज के सगरी बड़का सितारन का साथे काम कर चुकल रविकिशन जल्दिये आमिर खान के एगो होम प्रोडक्शन फिलिमो में नजर आवे वाला बाड़न.

कुल मिला के इहे कहल जा सकेला कि रवि किशन अपना अभिनय के लोहा त मनववलही बाड़न, उनुका प्रयासे से आजु भोजपुरीओ सिनेमा के दायरा बिहार यूपी के सीवान लाँघत विदेसन ले पसर गइल बा. फिल्मो ने अपना दायरा बिहार उत्तर प्रदेश की सीमा को लांघ कर देश विशेष में भी फ़ैल गया है.


(उदय भगत के रपट)

गंगा निर्मलता अभियान के समर्थन कइलन रवि किशन

गंगा सिर्फ नदीए ना संस्कारो हउवे – रवि किशन

भोजपुरिया टाइगर रवि किशन गंगा के अविरलता आ निर्मलता के अभियान के आपन समर्थन देत हर संभव मदद करे के बात कहले बाड़े. पिचला दिने ऊ बनारस में एकर शुरुआतो कर दिहलें. रवि किशन बनारस में फिल्म “मोहल्ला अस्सी” शूटिंग करत रहले. अस्सी घाट पर गूंजत गीत ‘गंगा रे जरा ठहर यहां, क्यों कन्नी काट के जाती हो.’ पर कलाकारन के भाव काशीवासियन के रिझा दिहलसि. साथही फिल्म यूनिट से जुड़ल सगरी सदस्यन का सीना पर लागल गंगा रक्षा से जुड़ल स्टीकर दिल से दिल के तार मजबूती से जोड़ दिहलसि. इहो जता दिहलसि कि गंगा कवनो एक के ना बलुक सभकर महतारी हियऽ. ओकर रक्षा करे खातिर सभही के खेवइया बने के पड़ी.

रविकिशन के कहना बा कि गंगा सिर्फ नदीए ना पूरा संस्कार हवे, जवन हर भारतवासी में आकार लेबेले. ओकरा के रोकल भा गंदा कइला के असर जनमानसो पर पड़ी. गंगा के अविरल बहे देबे ओकरा के निर्मल करे खातिर हर अभियान में सभके जी जान से जुटे के चाहीं. एह अभियान के पिछला दिने बनारस में मौजूद अभिनेता सन्नीओ देओल आपन समर्थन दिहले बाड़न. कहलन कि काशी आ गंगा से उनुकर पुरान नाता ह आ गंगा रक्षा के हर काम में सबही के जी जान से जुटे के चाहीं.


(उदय भगत के रपट से)

रानी रिंकू के बीचे फसले रविकिशन

भोजपुरिया टाइगर रवि किशन एह घरी सिनेमा भोजपुरी के दू गो खुबसूरत बाला रानी चटर्जी आ रिंकू घोष का बीचे पिसात बाड़े. एक का साथे फेरा लिहलन त दोसरकी उनुका फेरा में बिया. ऊ रवि के प्यार में अतना पागल बिया कि हरहाल में उनुका के हासिल कइल चाहत बिया. दिलचस्प बात त ई बा कि दुनु सगी बहन हईं सँ.

आशिक आरिफ मूवी के बैनर के तले निर्माता आशिक मोहम्मद आ आरिफ हुसैन के दिलआवेज के फिल्म “साली बड़ी सतावेली” में रवि किशन जीजा आ रानी चटर्जी उनुकर साली बनल बाड़ी. रिंकू घोष रवि किशन के पत्नी का भूमिका में बाड़ी. फिल्मों में रवि किशन अभिनेता बनल बाड़े. रवि से प्यार करत बाड़ी रानी चटर्जी बाकिर शादी हो जात बा रिंकू घोष से. बस एहिजा से शुरू होत बा बीबी आ साली क बीच तालमेल बइठावे के रोमांचक खेल.

रवि किशन, रानी चटर्जी आ रिंकू घोष के अलावा एह फिल्म में फिरदौस खान, नौसाद खान, साहिल सन्नी, निरुपमा श्री, पुष्पा वर्मा, प्रिया पाण्डे मुख्य भूमिका में बाड़न. राजेश गुप्ता के संगीत आ फणीन्द्र राव के लिखल तेरह गो गीतन से सजल एह फिल्म में कैलास खेर, उदित नारायण, इंदु सोनाली, खुशबू जैन, मोहन राठोड, ममता राउत आ मनोज मिश्रा के आवाज़ बा. कहानी लिखल हवे आर. रंजन के आ पटकथा आ संवाद साहिल सन्नी के बा.

फिल्म के शूटिंग एही महीना शुरू होखत बा.

रविकिशन आ रिंकू घोष के जोड़ी एहसे पहिले हालिया रिलीज “केहू हमसे जीत ना पाई” आ औहसे पहिले “बिदाई”, “सुहागन बना द सजना हमार”, आ “बलिदान” में धमाल कर चुकल बा. आजु के दौर में रिंकू घोष अकेली नायिका बाड़ी से दू गो सफल धारावाहिक आ हिन्दीओ फिलिम कर चुकल बाड़ी.


(उदय भगत आ शशिकांत सिंह के रपट से जोड़ के)

रवि किशन के जादूगर आँख

सिनेमा भोजपुरी में अपना सहयोगी कलाकारन का बीच टाइगर नाम से मशहूर रवि किशन के आँख परदा पर बोलेले. गजब के अभिनय क्षमता राखे वाला रवि किशन के जबहियो मौका मिलल बा ऊ देखा दिहले बाड़न कि उनुका में कतना दमखम बा. एही शुक के रिलीज भइल सैफ अली खान के होम प्रोडक्शन फिल्म “एजेंट विनोद” में रवि किशन अतिथि भूमिका में नजर अइले. बरीसन पहिले एक साथ काम कर चुकल सैफ अली खान के अपना एह फिल्म में अइसन कलाकार के जरूरत रहुवे अतिथि भूमिका में जे बिना बोलले अपना आँखे से सबकुछ बोल जा. से सैफ अली खान अपना पुरान दोस्ती आ रवि किशन के बोलत आँख का चलते उनुके एह भूमिका खातिर चुनले. जबकि ऊ चहतन त अपना एह होम प्रोडक्शन फिल्म खातिर कवनो बालीवुड कलाकार के तइयार करवा लेतन.

सैफ अली खान अपना एह फिलिम के शुरूआते रवि किशन के आँख से कइलन. रवि किशन आपन काम अतना बखूबी निबहले कि सगरी फिल्म समीक्षक उनुकर सराहना करत बाड़े. रवि किशन एह फिल्म में एजेंट राजन के भूमिका में बाड़े जे शुरु के दस मिनट में अकेले परदा कबजियवले लउकत बा. बकौल रवि किशन – ऊ हमेशा भूमिका देखेलें, रोल के लमंबाई बा, अगर कलाकार के किरदार बढ़िया होखे त एकाधो सीन यादगार बन जाले.

बहरहाल, रवि किशन के बोलत आँखिन के जादू हिंदी फिलिमन में जम के चलत बा.


(उदय भगत के रपट से)